रावल समर सिंह (1273-1302 ई.) का इतिहास | Rawal Samar Singh History In Hindi रावल समर सिंह मेवाड़ (चित्तौड़गढ़) के गुहिल वंशीय शासक थे जिन्होंने साल 1273 से 1302 ईस्वी तक शासन किया। इनके पिताजी का नाम रावल तेज सिंह और इनके पु…
मातृ पितृ पूजन दिवस मनाने का तरीका और इसका इतिहास Matri Pitri Pujan Diwas 2024 : मातृ पितृ पूजन दिवस हर वर्ष 14 फरवरी को वैलेंटाइन दिवस के दिन ही मनाया जाता है। यह दिन हमारी भारतीय संस्कृति में माता…
पाबूजी राठौड़ - राजस्थान के लोकदेवता आज हम जान रहें है राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता पाबूजी राठौड़ के बारे में तो पढ़ने लिखने वाले और सभी अभ्यर्थी इसे ध्यान से पढ़ें। पाबूजी के बारे में…
राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों की पूरी जानकारी कब, क्या और कैसे हुआ आजादी के समय राजस्थान में 19 रियासते, 3 ठिकाने और एक केंद्र शासित प्रदेश था। 3 ठिकाने - लावा, कुशलगढ़ और नीमराना 1 केंद्र शासित प्रदेश - अजमेर-मेरवा…
सती प्रथा की पूरी जानकारी: शुरुआत और अंत से लेकर अधिनियम बनने तक और आजादी के बाद तक की कहानी सती प्रथा का अंत आज के दिन यानी 4 दिसंबर 1829 को हुआ था आज हम इसकी शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी कहानी जानेंगे तो लेख को पूरा जरूर पढ़ना। इस लेख में …